चंडीगढ़, 27 जुलाई: बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज द्वारा बुलाए गए पंजाब बंद का सोमवार को राज्य के कई जिलों में असर देखने को मिला। सबसे अधिक प्रभाव जालंधर और अमृतसर में रहा, जहां कई बाजार बंद रहे और विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किए गए। हालांकि राज्य के अन्य जिलों में जनजीवन सामान्य बना रहा।
जालंधर में बंद का सबसे व्यापक असर देखने को मिला। शहर के प्रमुख बाजार बंद रहे, जबकि एमजीएन स्कूल, सेठ हुक्म चंद स्कूल, इनोसेंट हार्ट स्कूल और शिव ज्योति स्कूल सहित कई निजी शिक्षण संस्थानों ने एहतियात के तौर पर छुट्टी घोषित कर दी। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की गईं।
बस स्टैंड से बसों की आवाजाही भी कुछ समय तक प्रभावित रही। हालांकि नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर यातायात सामान्य बना रहा। दोपहर करीब एक बजे वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने एसडीएम शुभी आंग्रा को ज्ञापन सौंपने के बाद अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
लुधियाना में भी वाल्मीकि समाज के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया, जिससे नगर निगम कार्यालय का कामकाज कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। हालांकि शहर के अधिकांश बाजार खुले रहे और व्यापार सामान्य रूप से चलता रहा। वहीं पटियाला और बठिंडा में पंजाब बंद का असर सीमित रहा। इन जिलों में बाजार खुले रहे और लोगों की दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहीं।
वाल्मीकि समाज ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया था। विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील भी की गई। हालांकि किसी बड़े व्यापारी संगठन या परिवहन संगठन ने आधिकारिक रूप से बंद का समर्थन नहीं किया, जिसके कारण अलग-अलग जिलों में बंद का प्रभाव भी अलग-अलग देखने को मिला।
गौरतलब है कि यह विवाद 22 जुलाई को बरनाला में सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद शुरू हुआ था। घटना के बाद पंजाब सरकार ने बरनाला के डीएसपी को निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद वाल्मीकि समाज का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। समाज निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और प्रभावित सफाई कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है।